पेशावर: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को एक बार फिर जोरदार धमाका हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में एक स्थानीय नेता बाल-बाल बच गए। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल धमाके के कारणों का पता नहीं चल पाया है और अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली है।
बाजौर जिले के सलारजई इलाके में हुआ धमाका
पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले की सलारजई तहसील स्थित ताली बांध के पास हुआ। धमाके में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान बाजौर निवासी सुलेमान कारी और गुलाम के रूप में की गई है।
स्थानीय नेता सुरक्षित, शव अस्पताल भेजे गए
पुलिस ने बताया कि धमाके के बाद दोनों मृतकों के शवों को खार अस्पताल भेज दिया गया। वहीं, घटना के दौरान मौजूद एक स्थानीय नेता इस विस्फोट में सुरक्षित बच निकले। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी।
धमाके की वजह का अभी नहीं चला पता
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट किस वजह से हुआ। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। अब तक किसी आतंकी संगठन या अन्य समूह ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है।
लगातार हिंसा की चपेट में है खैबर पख्तूनख्वा
पाकिस्तान का उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पिछले कई वर्षों से उग्रवादी हिंसा, सीमा पार गतिविधियों और लगातार सुरक्षा अभियानों के कारण अशांत बना हुआ है। पाकिस्तान की संघीय सरकार का आरोप है कि प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने नवंबर 2022 में संघर्षविराम समाप्त होने के बाद अफगानिस्तान से सटे क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
कुछ दिन पहले आत्मघाती हमले में 15 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे
इससे पहले 24 जुलाई को भी खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में आत्मघाती हमला हुआ था। हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से टकरा दी थी। इस हमले में 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी, जिनमें 12 सैनिक, दो पुलिसकर्मी और वन विभाग का एक पूर्व सरकारी अधिकारी शामिल थे।
